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महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और समग्र कल्याण को बढ़ाने के लिए कि गई प्रमुख पहलों की जानकारी

 

Mission Shakti 

महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और समग्र कल्याण को बढ़ाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा कि गई प्रमुख पहलों की जानकारी

भारत देश में महिला सशक्तिकरण की नई परिभाषा

महिलाओं का सशक्तिकरण यह एक परिवर्तनकारी प्रक्रिया है,  जो महिलाओं को आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक /  राजनीतिक जीवन के सभी क्षेत्रों में समान अवसर प्राप्त हों, यह सुनिश्चित करती है। यह न केवल महिलाओं की व्यक्तिगत क्षमता को ही बढ़ाता है , बल्कि सामाजिक प्रगति में भी योगदान देता है। भारत देश ने महिलाओं को सशक्त बनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है, उनकी सुरक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक समावेश पर ध्यान केंद्रित किया है। यह दस्तावेज़ महिला सशक्तिकरण में भारत की प्रगति को आगे बढ़ाने वाले कुछ प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करता है, जो एक अधिक न्यायसंगत और समावेशी समाज बनाने के लिए राष्ट्र की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

मिशन शक्ति

मंत्रालय ने १५वें वित्त आयोग की अवधि 2021-22 से 2025-26 के दौरान महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक व्यापक योजना के रूप में एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम 'मिशन शक्ति' कार्यान्वयन के लिए तैयार किया है।

संबल (सुरक्षा और संरक्षा के लिए)
 सामर्थ्य  (सशक्तिकरण के लिए)

यह पहल अपने दो मुख्य कार्यक्षेत्रों: संबल (सुरक्षा और संरक्षा के लिए) और सामर्थ्य (सशक्तिकरण के लिए) - के माध्यम से देशभर में महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक रही है।

 वन स्टॉप सेंटर (ओएससी)

वन स्टॉप सेंटर यह हिंसा से प्रभावित महिलाओं और निजी तथा सार्वजनिक दोनों ही स्थानों पर संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही छत के नीचे एकीकृत सहयोग व  सहायता प्रदान करता है। यह जरूरतमंद महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता / सलाह, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता और मनो-सामाजिक परामर्श जैसी सेवाएं प्रदान करता है। स्थापना के बाद से ३१  दिसंबर २०२४  तक, 10,61,337 महिलाओं को ओएससी  के माध्यम से सहायता प्राप्त हुई है, जो सुरक्षा और पुनर्वास प्रदान करने में महत्वपूर्ण रूप से प्रभावी रहा है।

महिला हेल्पलाइन (181-डब्ल्यूएचएल)

डब्ल्यूएचएल यह मिशन शक्ति के तहत संबल का एक घटक है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को पुलिस, वन स्टॉप सेंटर, अस्पताल, कानूनी सेवा प्राधिकरण आदि जैसे उपयुक्त प्राधिकारियों से जोड़कर, सार्वजनिक और निजी दोनों स्थानों पर टेलीफोनिक शॉर्ट-कोड 181 के माध्यम से 24x7x365 आपातकालीन और गैर-आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, यह महिला कल्याण योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी भी प्रदान करता है।


31 दिसंबर 2024 तक का डेटा

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी)

बीबीबीपी योजना यह योजना  २२ जनवरी २०१५  को शुरू की गई थी । इस योजना का उद्देश्य लिंग पक्षपातपूर्ण लिंग चयन उन्मूलन को रोकना, बालिकाओं के अस्तित्व और  उनके संरक्षण को सुनिश्चित करना और बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करना है।

नारी अदालत

नारी अदालत – इसका उद्देश्य महिलाओं को ग्राम पंचायत स्तर पर बातचीत, मध्यस्थता व आपसी सहमति से सुलह के माध्यम से उनके सामने आने वाले छोटे-मोटे मामलों (उत्पीड़न, तोड़फोड़, अधिकारों या हकों में कटौती) को हल करने के लिए एक वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करना है, ताकि उन्हें त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय मिल सके। इसका उपयोग अधिकारों, हकों, सामाजिक सुविधा और महिला केंद्रित संगठनों की मदद के बारे में जागरूकता के लिए एक मंच के रूप में भी किया जाता है।

शक्ति सदन

शक्ति सदन योजना यह योजना तस्करी की शिकार महिलाओं सहित संकटग्रस्त परिस्थितियों में रहने वाली महिलाओं के लिए एक एकीकृत राहत और पुनर्वास गृह है। इसका उद्देश्य ऐसी कठिन परिस्थितियों में रहने वाली महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सक्षम वातावरण बनाना है, ताकि वे प्रतिकूल परिस्थितियों से उबर सकें।

पालना

सरकार ने पालना योजना इस योजना के माध्यम से डे-केयर क्रेच की यह सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। आंगनवाड़ी केंद्र दुनिया के सबसे बड़े बाल देखभाल संस्थान हैं,  जो बच्चों को आवश्यक देखभाल /  सहायता प्रदान करने के लिए समर्पित हैं, ताकि अंतिम छोर तक देखभाल की सुविधाएँ पहुँचाई जा सकें। इससे पूरे दिन बाल देखभाल सहायता सुनिश्चित होगी और सुरक्षित और संरक्षित वातावरण में उनकी भलाई सुनिश्चित होगी। पालना घटक का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण क्रेच सुविधा प्रदान करना है।

सखी निवास

इस योजना का उद्देश्य कार्यबल में शामिल महिलाओं  / या कार्यबल में शामिल होने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक स्थान पर स्थित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है । इस योजना में सखी निवास के निवासियों के बच्चों के लिए डे केयर सेंटर का भी प्रावधान है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई)

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) गर्भावस्था / प्रसव के कारण मजदूरी के नुकसान के लिए वित्तीय मुआवजा प्रदान करती है। यह योजना पहले, प्रथम बच्चे तक सीमित थी, लेकिन अगर बच्चा लड़की है, तो इसे बढ़ाकर दूसरे बच्चे को भी कवर किया गया है,- यह लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रगतिशील कदम है।

संकल्प

संकल्प : एचईडब्ल्यू (महिला सशक्तिकरण केंद्र) महिलाओं के लिए उपलब्ध योजनाओंव उनके  सुविधाओं के बारे में जानकारी /  ज्ञान के अंतर को पाटने के लिए एक माध्यम के रूप में काम करेगा और साथ ही उन्हें लाभ और अधिकार प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन भी देगा। यह मिशन शक्ति के तहत सभी घटकों के लिए एक परियोजना निगरानी इकाई (पीएमयू) के रूप में भी काम करेगा और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) योजना के साथ मिलकर काम करेगा।

31 दिसंबर 2024 तक का डेटा

 मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0

 सरकार ने "मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण २.-  स्वास्थ्य - कल्याण व  कुपोषण से प्रतिरक्षा को पोषित करने वाली प्रथाओं को विकसित करने के लिए मिशन मोड में एक रणनीतिक बदलाव है। 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 781 जिलों में संचालित 13,99,890 आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) के साथ, मिशन का उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य, कल्याण और प्रतिरक्षा को बढ़ाना है। 13,31,622 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा समर्थित यह योजना, यह सुनिश्चित करता है कि पोषण संबंधी लाभ 9,88,74,477 पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे। बुनियादी ढांचे में सुधार में 6,77,349 एडब्ल्यूसी के अपने भवन, 9,93,863 कार्यात्मक शौचालयों के साथ और 12,31,201 पीने के पानी की सुविधा के साथ शामिल हैं । इसके अतिरिक्त, दिसंबर 2024 में 12,93,863 आंगनवाड़ी केन्द्र कम से कम 15 दिनों तक, 11,86,509 कम से कम 21 दिनों तक तथा 8,54,395 कम से कम 25 दिनों तक संचालित होंगे।

पोषण अभियान के तहत लाभार्थी

मातृ मृत्यु दर में कमी

देश  की मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थागत प्रसव  -  मजबूत स्वास्थ्य देखभाल हस्तक्षेपों के कारण 130 प्रति लाख जीवित जन्म (2014-16) से घटकर 97 प्रति लाख जीवित जन्म (2018-20) हो गई है।

निष्कर्ष

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए चल रहे इन सभी  प्रयासों से सामाजिक और आर्थिक भागीदारी से लेकर आवश्यक सेवाओं तक पहुँच तक कई क्षेत्रों में ठोस सुधार हुए हैं। प्रमुख चुनौतियों का समाधान करके व  एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करके, इन उपायों ने महिलाओं की स्वायत्तता व  निर्णय लेने की शक्ति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समावेशी नीतियों, जागरूकता और संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर निरंतर ध्यान एक अधिक समतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए आवश्यक होगा जहाँ हर महिला फल-फूल सके और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सके।

सार
 महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा व  समग्र कल्याण को बढ़ाने के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने लिए प्रमुख पहल की है। मिशन शक्ति जैसे प्रमुख कार्यक्रमों ने वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) के माध्यम से 10.61 लाख महिलाओं की सहायता की है, जबकि महिला हेल्पलाइन (181-डब्ल्यूएचएल) ने संकट में लाखों महिलाओं की सहायता की है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) ने जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) को ९१८  (2014-15) से बढ़ाकर ९३० (2023-24) करने में योगदान दिया है, और इसी अवधि में माध्यमिक विद्यालयों में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 75.51% से बढ़कर 78% हो गया है। आर्थिक सशक्तिकरण के लिए, सखी निवास, कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करता है, और पालना, डे-केयर सहायता सुनिश्चित करता है। नारी अदालत ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायत निवारण प्रदान करती है, जबकि संकल्प, महिला कल्याण योजनाओं के लिए संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करता है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत किया गया कुल व्यय पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है, जो 2021-22 के  1,478.73 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 1,814.86 करोड़ हो गया है, जो सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सरकार के निरंतर समर्थन को दर्शाता है। स्वास्थ्य हस्तक्षेपों से भी सकारात्मक परिणाम मिले हैं। मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) 130 प्रति लाख जीवित जन्म (2014-16) से घटकर 97 (2018-20) हो गई है। मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 9.88 करोड़ लाभार्थियों का समर्थन करता है, जिसमें 6.77 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों के पास अपने स्वयं के भवन हैं, 9.93 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यात्मक शौचालय है और 12.31 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल की सुविधा है।

संदर्भ

https://missionshakti.wcd.gov.in/

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एमजी/केसी/पीएस/ डीके प्रविष्टि तिथि: 01 FEB 2025 by PIB Delhi

 


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