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पंखुड़ी पोर्टल का शुभारंभ भारत भर में महिलाओं और बच्चों के समावेशी, सहयोगात्मक और परिणामोन्मुखी विकास के लिए डिजिटल समाधानों का लाभ उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने महिला एवं बाल विकास के लिए साझेदारी सुदृढ़ करने हेतु एकीकृत डिजिटल पोर्टल पंखुड़ी का शुभारंभ किया पारदर्शी , विश्वसनीय और प्रौद्योगिकी-सक्षम संरचना के माध्यम से सीएसआर करने में सुगमता और सरकार के साथ साझेदारी को बढ़ावा देता है सरकार देशभर में महिलाओं और बच्चों के कल्याण , संरक्षण और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए , महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ' पंखुड़ी ' नामक एक एकीकृत कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और साझेदारी सुविधा डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य महिला एवं बाल विकास पहलों में समन्वय , पारदर्शिता और हितधारकों की सुनियोजित भागीदारी को सुदृढ़ करना है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने पंखुड़ी पोर्टल का शुभारंभ आज (8 जनवरी 2026) महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक की उपस्थिति में किया। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के विजन से प्रेरित है , जो इस बात पर जोर देते...
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हिंसा, उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के संकट का सामना कर रही महिलाओं को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एनसीडब्ल्यू ने नया हेल्पलाइन नंबर 14490 जारी किया

एनसीडब्ल्यू ने संकटग्रस्त महिलाओं तक पहुंचने के लिए नया हेल्पलाइन नंबर 14490 जारी किया राष्ट्रीय महिला आयोग ने देश भर में संकटग्रस्त महिलाओं के लिए त्वरित और अधिक सुलभ सहायता सुनिश्चित करने के लिए एक नई 24×7 संक्षिप्त कोड हेल्पलाइन - 14490 शुरू की है।   यह टोल-फ्री नंबर एनसीडब्ल्यू की मौजूदा हेल्पलाइन 7827170170 से जुड़ा एक आसानी से याद रखने योग्य संक्षिप्त कोड के रूप में कार्य करता है। इस पर संपर्क कर महिलाएं बिना किसी लागत या देरी के सहायता प्राप्त कर सकती हैं। नया संक्षिप्त कोड हिंसा , उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के संकट का सामना कर रही महिलाओं को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एनसीडब्ल्यू के चल रहे प्रयासों को मजबूत करता है। प्रथम संपर्क बिंदु के रूप में हेल्पलाइन मार्गदर्शन प्रदान करेगा। साथ ही संबंधित प्राधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कराएगा और समय पर सहायता प्रदान करना सुनिश्चित करेगा। एनसीडब्ल्यू लोगों , सामुदायिक समूहों , संस्थानों और भागीदारों को इस जानकारी को व्यापक रूप से साझा करने के लिए प्रोत्साहित करता है ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस हेल्पलाइन सेवाओं क...

महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, अधिक समावेशी डिजिटल भारत का निर्माण , सभी महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ डिजिटल हिंसा को समाप्त करने के लिए एकजुट होना" है

  महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मुख्य विशेषताएं ·       राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की स्थापना जनवरी 1992 में हुई थी। यही आयोग भारत में महिलाओं के हितों की रक्षा और महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए शीर्ष राष्ट्रीय वैधानिक निकाय है। ·       घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम , 2005 ( पीडब्ल्यूडीवीए) , और कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न ( रोकथाम , निषेध और निवारण ) अधिनियम , 2013 जैसे मजबूत कानूनी ढांचे लागू किए गए हैं। ·        सरकार समर्थित योजनाएं जैसे मिशन शक्ति , वन स्टॉप सेंटर , महिला हेल्पलाइन (181), और स्वाधार गृह संकट में महिलाओं के लिए एकीकृत सहायता प्रदान करती हैं। ·        प्रौद्योगिकी-सक्षम प्लेटफ़ॉर्म जैसे- शी - बॉक्स और महिला सहायता डेस्क रिपोर्टिंग और समय पर न्याय तक पहुंच में सुधार करते हैं। प्रस्तावना 25 नवंबर - महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस - विश्व स्तर पर गहरी छाप छोड़ता है। सरकारें ...

कामाच्या ठिकाणी सुरक्षितता मजबूत करण्यासाठी पश्चिम रेल्वे, रस्ते आणि जनरल रजिस्ट्रेशन विभागाकडून पॉश कायद्यावर अभिमुखता कार्यक्रम आयोजित

    नवी दिल्‍ली , 21 नोव्हेंबर 2025 जलसंपदा , नदी विकास आणि गंगा पुनरुज्जीवन विभागात   लैंगिक छळ प्रतिबंधक कायदा , 2013 वरील एक अभिमुखता आणि जागरूकता कार्यक्रम आर्थिक सल्लागार आणि अंतर्गत तक्रार समिती (आयसीसी) चे अध्यक्ष यांच्या अध्यक्षतेखाली आयोजित करण्यात आला होता. आयसीसीच्या वकील आणि बाह्य सदस्या जानवी सतपाल बब्बर यांनी लैंगिक छळ प्रतिबंधक कायदा , 2013 या कायद्यातील तरतुदी आणि त्याअंतर्गत तयार केलेल्या नियमांवर सादरीकरण केले. डीओडब्ल्यूआर , आरडी आणि जीआरच्या कर्मचाऱ्यांना कायद्याच्या कायदेशीर तरतुदींची सखोल समज देणेच नाही तर कामाच्या ठिकाणी सन्मान आणि समानतेची संस्कृती वाढवण्याचा या कार्यक्रमाचा   व्यापक उद्देश देखील आहे. महिलांसाठी सुरक्षित आणि प्रतिष्ठित कार्यस्थळ सुनिश्चित करण्यासाठी सर्वोच्च न्यायालयाच्या ऐतिहासिक विशाखा निकालाच्या अनुषंगाने लैंगिक छळ प्रतिबंधक कायदा (पॉश) 2013   लागू करण्यात आला. हा कायदा लैंगिक छळाच्या घटना रोखण्यासाठी , प्रतिबंधित करण्यासाठी आणि त्यांचे निराकरण करण्यासाठी एक व्यापक कायदेशीर चौकट प्रदान करतो , गुन्ह्याची स्पष्ट व...

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने कार्यस्थलों पर यौन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यौन उत्पीड़न अधिनियम पर ओरिएंटल कार्यक्रम आयोजित किया

  जल संसाधन , नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने आर्थिक सलाहकार एवं आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के अध्यक्ष की अध्यक्षता में यौन उत्पीड़न के रोकथाम (पॉश) अधिनियम 2013 पर एक ओरिएंटल एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिवक्ता और आई.सी.सी. की बाहय सदस्य सुश्री जानवी सतपाल बब्बर ने  यौन उत्पीड़न के रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों पर एक प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जल संसाधन , नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के कर्मचारियों को न केवल अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की गहरी समझ प्रदान करना था , बल्कि इसके व्यापक उद्देश्य-कार्यस्थल पर गरिमा और समानता की संस्कृति को बढ़ावा देना था। यौन उत्पीड़न के रोकथाम अधिनियम , 2013 को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित , संरक्षित और गरिमामय कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक विशाखा निर्णय के अनुरूप लागू किया गया था। यह अधिनियम यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने , प्रतिबंधित करने और निवारण के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा प्रदान करता है। यह अधिनियम अपराध को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है और इसके अन...

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