भारतीय न्याय संहिता , 2023 के तहत महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित प्रावधानों को एक ही अध्याय में संकलित किया गया है , जिसमें अपराधियों के लिए मृत्युदंड तक की कड़ी सजा का प्रावधान है। नए कानूनों के अनुसार , 18 वर्ष से कम आयु की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोषी को शेष प्राकृतिक जीवन तक कारावास या मृत्युदंड दिया जाएगा , साथ ही शादी , नौकरी या पदोन्नति का झूठा वादा करने अथवा पहचान छिपाकर यौन संबंध बनाने को भी अब एक नए विशिष्ट अपराध के रूप में शामिल किया गया है। न्यायिक प्रक्रिया की गति , दक्षता और पारदर्शिता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए नए आपराधिक कानूनों में यह प्रावधान किया गया है कि समन और वारंट जारी करने , उनकी तामील और निष्पादन , शिकायतकर्ता एवं गवाहों की जांच , साक्ष्य रिकॉर्ड करने तथा अपील या किसी भी अन्य अदालती कार्यवाही को इलेक्ट्रॉनिक संचार या ऑडियो-वीडियो माध्यमों से डिजिटल रूप में संचालित किया जा सकता है। इस संबंध में , सरकार ने ई-समन , ई-साक्ष्य और न्याय-श्रुति (वीसी) जैसे अनुप्रयोग भी विकसित किए हैं। ई-समन इलेक्ट्र...
एक पहल, मेरी भी...
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महिलाओं का डिजिटल मंच है... जो कामकाजी महिलाओं को... संरक्षण प्रदान करने वाले कानून की पूरी जानकारी देता है और... इन विषयों पर कार्य कर रहे लोगो से परिचय भी करवाता है...