महिलाओं के लिए कार्यस्थल में समावेशिता
सरकार ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिला
कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर समावेशिता, कार्यस्थल पर
स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महिला-केंद्रित पहल की
हैं। इन उपायों में, अन्य बातों के साथ-साथ , निम्नलिखित शामिल हैं :
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730 दिनों का बाल देखभाल अवकाश
(सीसीएल) प्रदान किया जाएगा।
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सीसीएल का लाभ लेने वाले सरकारी
कर्मचारी के विकलांग बच्चे के मामले में 22 वर्ष की आयु सीमा हटा दी गई।
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सीसीएल की न्यूनतम अवधि 15 दिन से
घटाकर 5 दिन कर दी गई।
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सीसीएल के दौरान मुख्यालय छोड़ने और
विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति।
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सीसीएल के दौरान अवकाश यात्रा रियायत
(एलटीसी) की अनुमति देना।
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180 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान किया
जाएगा।
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सरोगेसी के माध्यम से बच्चे के जन्म
के मामले में मातृत्व एवं शिशु देखभाल अवकाश तथा पितृत्व अवकाश का विस्तार।
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मृत शिशु के जन्म या जन्म के तुरंत
बाद मृत्यु होने पर 60 दिनों का विशेष मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा।
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विकलांग महिला कर्मचारियों को बच्चे
के जन्म से लेकर उसके दो वर्ष का होने तक बच्चे की देखभाल के लिए 3750 रुपये प्रति
माह की दर से विशेष भत्ता प्रदान किया जाएगा।
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अखिल भारतीय सेवा के पूर्वोत्तर कैडर
की महिला अधिकारियों के लिए विशेष छूट।
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यौन उत्पीड़न की शिकायत के मामले में
पीड़ित महिला सरकारी कर्मचारियों को 90 दिनों तक की छुट्टी का प्रावधान।
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महिलाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं
से शुल्क में छूट।
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सिविल सेवकों के प्रशिक्षण
कार्यक्रमों में लिंग संवेदीकरण मॉड्यूल को शामिल करना।
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पति और पत्नी की एक ही स्टेशन पर
पोस्टिंग।
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केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों के
दिव्यांग बच्चों के लिए बाल शिक्षा भत्ता 27,000 रुपये से दोगुना कर 54,000 रुपये
प्रति वर्ष कर दिया गया है।
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कई सरकारी विभागों और संगठनों ने
कल्याणकारी उपाय के रूप में सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्यालयों/प्रमुख आवासीय
क्षेत्रों/समाज सदनों या गृह कल्याण केंद्रों में डे केयर सेंटर/क्रेच स्थापित किए
हैं।
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केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं खेल
बोर्ड (सीसीएससीएसबी),
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) हर साल सरकारी कर्मचारियों
के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन करता है। 2024-25 के दौरान, क्रमशः 1128 और 3738 महिला कर्मचारियों ने अंतर-मंत्रालयी खेल
प्रतियोगिताओं और अखिल भारतीय सिविल सेवा खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
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विधि कार्य विभाग ने 8 मार्च, 2025 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया और इस अवसर पर महिला कर्मचारियों
को सम्मानित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सभी महिला अधिकारियों/कर्मचारियों के
लिए आगरा की यात्रा का आयोजन किया। 24 मार्च, 2025 को एक
विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न
क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिलाओं के एक पैनल ने महिला अधिकारों और सशक्तिकरण से
संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
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18.07.2025 को विधि कार्य विभाग में
महिला आरोग्यम कक्ष की स्थापना की गई है।
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विधिक मामलों के विभाग ने प्रतिष्ठित
संगठनों के माध्यम से "कार्य-जीवन संतुलन", "मन की बात" और "स्वीकृति की कला" जैसे विषयों पर विभिन्न
कार्यशालाओं का आयोजन किया, जिससे प्रतिभागियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन, भावनात्मक
कल्याण में वृद्धि और लचीलापन बनाने में मदद मिली।
यह
जानकारी विधि एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय
कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज राज्यसभा में एक
प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एनकेएस/एसएस प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2025 by PIB Delhi(रिलीज़ आईडी: 2159349) आगंतुक पटल
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