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कामाच्या ठिकाणी सुरक्षितता मजबूत करण्यासाठी पश्चिम रेल्वे, रस्ते आणि जनरल रजिस्ट्रेशन विभागाकडून पॉश कायद्यावर अभिमुखता कार्यक्रम आयोजित

    नवी दिल्‍ली , 21 नोव्हेंबर 2025 जलसंपदा , नदी विकास आणि गंगा पुनरुज्जीवन विभागात   लैंगिक छळ प्रतिबंधक कायदा , 2013 वरील एक अभिमुखता आणि जागरूकता कार्यक्रम आर्थिक सल्लागार आणि अंतर्गत तक्रार समिती (आयसीसी) चे अध्यक्ष यांच्या अध्यक्षतेखाली आयोजित करण्यात आला होता. आयसीसीच्या वकील आणि बाह्य सदस्या जानवी सतपाल बब्बर यांनी लैंगिक छळ प्रतिबंधक कायदा , 2013 या कायद्यातील तरतुदी आणि त्याअंतर्गत तयार केलेल्या नियमांवर सादरीकरण केले. डीओडब्ल्यूआर , आरडी आणि जीआरच्या कर्मचाऱ्यांना कायद्याच्या कायदेशीर तरतुदींची सखोल समज देणेच नाही तर कामाच्या ठिकाणी सन्मान आणि समानतेची संस्कृती वाढवण्याचा या कार्यक्रमाचा   व्यापक उद्देश देखील आहे. महिलांसाठी सुरक्षित आणि प्रतिष्ठित कार्यस्थळ सुनिश्चित करण्यासाठी सर्वोच्च न्यायालयाच्या ऐतिहासिक विशाखा निकालाच्या अनुषंगाने लैंगिक छळ प्रतिबंधक कायदा (पॉश) 2013   लागू करण्यात आला. हा कायदा लैंगिक छळाच्या घटना रोखण्यासाठी , प्रतिबंधित करण्यासाठी आणि त्यांचे निराकरण करण्यासाठी एक व्यापक कायदेशीर चौकट प्रदान करतो , गुन्ह्याची स्पष्ट व...

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने कार्यस्थलों पर यौन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यौन उत्पीड़न अधिनियम पर ओरिएंटल कार्यक्रम आयोजित किया

  जल संसाधन , नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने आर्थिक सलाहकार एवं आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के अध्यक्ष की अध्यक्षता में यौन उत्पीड़न के रोकथाम (पॉश) अधिनियम 2013 पर एक ओरिएंटल एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिवक्ता और आई.सी.सी. की बाहय सदस्य सुश्री जानवी सतपाल बब्बर ने  यौन उत्पीड़न के रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों पर एक प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जल संसाधन , नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के कर्मचारियों को न केवल अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की गहरी समझ प्रदान करना था , बल्कि इसके व्यापक उद्देश्य-कार्यस्थल पर गरिमा और समानता की संस्कृति को बढ़ावा देना था। यौन उत्पीड़न के रोकथाम अधिनियम , 2013 को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित , संरक्षित और गरिमामय कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक विशाखा निर्णय के अनुरूप लागू किया गया था। यह अधिनियम यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने , प्रतिबंधित करने और निवारण के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा प्रदान करता है। यह अधिनियम अपराध को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है और इसके अन...

महिलाओं के लिए कार्यस्थल में समावेशिता

  महिलाओं के लिए कार्यस्थल में समावेशिता सरकार ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर समावेशिता , कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महिला-केंद्रित पहल की हैं। इन उपायों में , अन्य बातों के साथ-साथ , निम्नलिखित शामिल हैं : ·         730 दिनों का बाल देखभाल अवकाश (सीसीएल) प्रदान किया जाएगा। ·         सीसीएल का लाभ लेने वाले सरकारी कर्मचारी के विकलांग बच्चे के मामले में 22 वर्ष की आयु सीमा हटा दी गई। ·         सीसीएल की न्यूनतम अवधि 15 दिन से घटाकर 5 दिन कर दी गई। ·         सीसीएल के दौरान मुख्यालय छोड़ने और विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति। ·         सीसीएल के दौरान अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) की अनुमति देना। ·         180 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा। ·       ...

इंदौर में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम,वन स्टॉप सेंटर में अभी तक 15683 प्रकरण पंजीकृत कर समाधानित किए गए

प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अंतर्गत 2,36,624 महिलाएं लाभान्वित,   वन स्टॉप सेंटर में अभी तक 15683 प्रकरण पंजीकृत कर समाधानित किए गए,    कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में सखी निवास की महत्वपूर्ण भूमिका   केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा पोषित एवं सहायित महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित सखी निवास और वन स्टॉप सेंटर , बच्चों और महिलाओं के लिए सशक्तिकरण में प्रमुखता से कार्य कर रहे है। ‘ प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना’ के अंतर्गत इंदौर जिले में अब तक 2,36,624 महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में संख्या की दृष्टि से देश में सर्वाधिक महिलाओं को लाभान्वित करने के लिए इंदौर जिले को भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत भी किया गया है। ‘ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के तहत इंदौर जिले में जन्म लिंगानुपात में सुधार आया है। NFSH-4 के सर्वे में जन्म लिंगानुपात ( SRB) 849 था | NFSH-5 के सर्वे में बढ़कर 996 हो गया है। इस हेतु जिले की सभी 674 सोनोग्राफी मशीन में ट्रेकिंग डिवाइस इंस्टाल ...

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 और बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रसार एवं जागरूकता पर राष्ट्रीय परामर्श

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने आज यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्‍सो) अधिनियम , 2012 और बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) सीएएल (पीएंडआर) अधिनियम , 1986 के प्रसार एवं जागरूकता के संबंध में ऑनलाइन राष्ट्रीय परामर्श आयोजित किया। उक्त कार्यक्रम में विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य मंत्रालयों , राज्य पुलिस विभागों , एससीपीसीआर , गैर सरकारी संगठनों के लगभग 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया।   पोक्सो अधिनियम के बारे में जागरूकता को बढ़ावा - एनसीपीसीआर की अध्यक्ष सुश्री तृप्ति गुरहा ने मुख्य भाषण देते हुए इस बात पर जोर दिया कि पोक्सो अधिनियम , 2012 और सीएएल (पी एंड आर) अधिनियम ,1986 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए व्‍यवस्थित   जागरूकता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में आयोग की विभिन्न पहलों को भी रेखांकित किया। उन्होंने सही मायने में बाल अधिकारों के संरक्षण के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक हितधारक से सहकार्य और सहयोग की मांग की। एनसीपीसीआर की सदस्य (एलआरसी) सुश्री प्रीति भारद्वाज दलाल ने पोक्सो अधिनियम के बारे में जागर...

महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और समग्र कल्याण को बढ़ाने के लिए कि गई प्रमुख पहलों की जानकारी

  Mission Shakti  महिलाओं की सुरक्षा , संरक्षा और समग्र कल्याण को बढ़ाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा कि गई प्रमुख पहलों की जानकारी भारत देश में महिला सशक्तिकरण की नई परिभाषा महिलाओं का सशक्तिकरण यह एक परिवर्तनकारी प्रक्रिया है,   जो महिलाओं को आर्थिक , सांस्कृतिक , सामाजिक /   राजनीतिक जीवन के सभी क्षेत्रों में समान अवसर प्राप्त हों , यह सुनिश्चित करती है। यह न केवल महिलाओं की व्यक्तिगत क्षमता को ही बढ़ाता है , बल्कि सामाजिक प्रगति में भी योगदान देता है। भारत देश ने महिलाओं को सशक्त बनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है , उनकी सुरक्षा , आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक समावेश पर ध्यान केंद्रित किया है। यह दस्तावेज़ महिला सशक्तिकरण में भारत की प्रगति को आगे बढ़ाने वाले कुछ प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करता है , जो एक अधिक न्यायसंगत और समावेशी समाज बनाने के लिए राष्ट्र की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। मिशन शक्ति मंत्रालय ने १५ वें वित्त आयोग की अवधि 2021-22 से 2025-26 के दौरान महिलाओं की सुरक्षा , संरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक व्यापक ...

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